समझ नही आ रहा कैसे बताऊं सब या कैसे बोलूं
मेरा दिमाग फटा जा रहा है , तुम्हारा मैसेज 8 बजे आया और लॉस्ट मैसेज 8.31 पर हुआ उसके बाद मैं जो परेशान हु न तुमको बता नही सकता , अभी 11.12 मिनट हुआ है , और दबाई खाया हु तब थोड़ा लिख पा रहा हु ,
जानती हो अब मैं जो हु वैसे ही तुमसे बात करूंगा ,
तुमको याद होगा एक दिन मैंने तुमसे कुछ कहा था की कॉल करो , तो तुमने कहा था की को करूंगी पापा है , मैने उस दिन जिद कर दी थी , और मेरा दोस्त बोल रहा था न की बांगरमऊ तहसील में एक लड़की आई थी बहुत खूबसूरत थी , ये वाली बात जानती हो उस दिन उसी ने तुमसे चैट की थी मैं काम कर रहा था उसको मना भी किया था , उसने पूछा कोन है तो दोस्त दोस्त में बोल दिया गर्लफ्रेंड है , तभी उसने तुमको मैसेज के दिया था और ये सब बोल दिया , मैं चाह रहा था की तुमको सब बता दू लेकिन बता नही पाया , और आज जो हुआ , उसको लेकर मैं बहुत परेशान हु , हा ये बात सच है की तुमको लेकर मुझमें फीलिंग है लेकिन मैं तुमको कभी ऐसा वैसा कुछ नही बोलूंगा ये तुम खुद जानती होगी ,
आज जो हुआ मैने तुमसे sirprise देने वाले मैसेज तक बात की थी , उसके बाद मैं खाना बनाने चला गया मैंने उसको बोला की कोई मैसेज आया तो सही सा जवाब देना , लेकिन उसने ये सब रायता फैला दिया , मुझे बहुत खराब लगा , पता नही तुम मेरा यकीन करोगी की नही , आज के बाद तुमको ऐसा कुछ सुनने को नही मिलेगा , तुम मेरी अच्छी दोस्त हो मुझे इतना ही अच्छा लगता है , बाकी आज जो हुआ ,उसके लिए सारी अब मैं किसी को अपना फोन नही दूंगा ,
और सरप्राइस ये था की आज जो तुमने पासवर्ड में नाम दिया था न आयु वो मैं 12 जनवरी को ही तुम्हारे लिए लिख चुका हु ,
और तुम सिर्फ यही पोस्ट पढ़ना बाकी और कोई मत पढ़ना ,
जब सही समय होगा तो मैं तुमको सारी पोस्ट पढ़ने के लिए दे दूंगा ,







